Monday, 22 January 2024

भारतीय नारी



मानवता के अक्षुण्ण प्रवाह की बहती हुई धार हूँ मैं
म्यानमें बड़ी सावधानी से रखीं तेज तलवार हूँ मै
मैं नारायणी हूं, फूल भी हूँ, चिनगारी भी हूँ
सुशीला: सुधीरा: समर्था: तेजस्विनी
ऐसी आज की भारतीय नारी हूँ
नहीं मेरे कर्तृत्व का दायरा स्व तक सीमित
स्व, परिवार, समाज और सृष्टी
मेरे हृदय मे अपनत्व हैं अपरिमित

महाशिवरात्र - २०२६

 महाशिवरात्र - २०२६  जाणीवसमृद्ध भावगर्भ काव्य लिहिणारी माझी मैत्रीण सई लेले हिने सकाळी तिने लिहिलेली शिवस्तुती पाठवली. मनात उतरत जाणाऱ्या, ...